शिक्षा, संस्कार एवं ज्ञान की समृद्ध परंपरा के साथ निरंतर प्रगति की ओर अग्रसर
कोठीवाल आढ़तिया महाविद्यालय, कासगंज की स्थापना सन् 1963 में श्री गणेश डिग्री कॉलेज के नाम से क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिकों तथा कोठीवाल आढ़तिया कमेटी, कासगंज के उल्लेखनीय योगदान से हुई।
मात्र 65 छात्र-छात्राओं एवं 6 विषयों में स्नातक स्तर की उच्च शिक्षा से प्रारम्भ हुआ यह महाविद्यालय सन् 1969 में अर्थशास्त्र में स्नातकोत्तर कक्षाएँ प्रारम्भ करके एटा एवं कासगंज जनपद का सर्वप्रथम स्नातकोत्तर महाविद्यालय बना।
श्री गणेश डिग्री कॉलेज के नाम से महाविद्यालय की स्थापना हुई। प्रारम्भ में 65 छात्र-छात्राओं एवं 6 विषयों के साथ स्नातक स्तर की शिक्षा प्रारम्भ की गई।
अर्थशास्त्र में स्नातकोत्तर कक्षाएँ प्रारम्भ हुईं और महाविद्यालय एटा एवं कासगंज जनपद का सर्वप्रथम स्नातकोत्तर महाविद्यालय बना।
हिन्दी एवं समाजशास्त्र विषयों में स्नातकोत्तर कक्षाएँ प्रारम्भ हुईं।
भूगोल विषय में स्नातकोत्तर कक्षाओं का शुभारम्भ किया गया।
अंग्रेजी विषय में स्नातकोत्तर कक्षाएँ प्रारम्भ हुईं।
वाणिज्य शिक्षण के अभाव की पूर्ति हेतु सन् 1982 में वाणिज्य संकाय की स्थापना हुई।
कम्प्यूटर विज्ञान विभाग की स्थापना के साथ महाविद्यालय ने आधुनिकतम वैज्ञानिक शिक्षण युग में प्रवेश किया।
क्षेत्रीय युवा पीढ़ी को विज्ञान की उच्च शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए विज्ञान संकाय में बी.एस-सी. की कक्षाएँ प्रारम्भ की गईं।
रसायन विज्ञान एवं गणित में एम.एस-सी. की कक्षाएँ प्रारम्भ हुईं।
वाणिज्य संकाय में एम.कॉम. के तीनों ग्रुप में कक्षाएँ प्रारम्भ हुईं।
इसी सूत्र को दृष्टि में रखकर शिक्षाविद् आचार्यों ने ज्ञानार्जन को आत्मा की मुक्त्यवस्था हेतु वरीयता देते हुए आत्मानुशासन तथा विनम्रता का पाठ पढ़ाया है।
नगर के कोलाहलपूर्ण वातावरण से दूर कासगंज से अमांपुर जाने वाले कपूरचन्द जैन मार्ग के दाहिनी ओर सुरम्य शस्यश्यामला भूमि पर महाविद्यालय स्थित है।
आधुनिकतम उपकरणों से सुसज्जित प्रयोगशालाएँ तथा आधुनिक विज्ञान एवं भूगोल लैब विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध हैं।
श्री हरिशंकर सक्सैना पुस्तकालय, विशाल वाचनालय एवं अध्ययन के लिए आवश्यक सभी सुविधाएँ उपलब्ध हैं।
छात्र-छात्राओं के लिए पृथक-पृथक दो मल्टीजिमों से सुसज्जित चिन्मय व्यायामशाला उपलब्ध है।
विद्यार्थियों के शारीरिक विकास के लिए दो क्रीड़ाप्रांगण उपलब्ध हैं।
निजी नलकूप, जेनरेटर, आर.ओ. का शुद्ध जल तथा अन्य आवश्यक सुविधाएँ महाविद्यालय परिसर में उपलब्ध हैं।
वर्ष 1997 में श्री विनय कुमार जैन, मंत्री, प्रबन्धकारिणी समिति के सतत् प्रयत्नों से एकेडमी ऑफ वोकेशनल स्टडीज की स्थापना हुई। इसका पृथक विशाल भवन समस्त उपकरणों से युक्त है।
इस प्रकार यह महाविद्यालय क्षेत्रीय जनता की आवश्यकता की पूर्ति हेतु अनेक उपयोगी पाठ्यक्रम चलाकर उच्च शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। महाविद्यालय की प्रबन्धकारिणी समिति की उत्कृष्ट प्रतिभा, सक्रिय सहयोग तथा कुशल मार्गदर्शन में यह महाविद्यालय उत्तरोत्तर विकास की ओर अग्रसर हो रहा है।
प्रबन्धकारिणी समिति के यशस्वी मंत्री श्री विनय कुमार जी जैन के “मंत्री” के रूप में 25वें वर्ष में प्रवेश करने पर उनके कार्यकाल के “रजत जयन्ती वर्ष” में महाविद्यालय के चहुँमुखी विकास के लिए हम सब कृतसंकल्पित हैं तथा अपने विद्यार्थी समुदाय के कल्याण एवं शैक्षिक उत्थान हेतु सतत जागरूक एवं कटिबद्ध हैं।